एक्सपो में 10,000 से अधिक आगंतुकों ने भाग लिया
लखनऊ, 9 मई 2026। उत्तर भारत की प्रमुख ऊर्जा क्षेत्रीय पहल, उत्तर प्रदेश एनर्जी एक्सपो 2026 का तीन दिवसीय आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस वर्ष एक्सपो का विशेष फोकस ईवी मोबिलिटी और भविष्य की ऊर्जा पर रहा।
इस मेगा आयोजन का संयुक्त रूप से आयोजन यूपी स्टेट चैप्टर, पीएचडीसीसीआई और फर्स्टव्यू द्वारा किया गया, जिसमें यूपीनेडा (UPNEDA), इन्वेस्ट यूपी (Invest UP) तथा यूपीपीसीएल (UPPCL), उत्तर प्रदेश सरकार का सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम को एनटीपीसी (NTPC), सिडबी (SIDBI), एसबीआई (SBI), सिगएनर्जी (Sigenergy), पॉलीकैब (Polycab) और केईआई वायर्स एंड केबल्स (KEI Wires & Cables) का समर्थन मिला।
एक्सपो में 10,000 से अधिक आगंतुकों ने भाग लिया, जो भारत के स्वच्छ ऊर्जा इकोसिस्टम के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
ईवी मोबिलिटी और बैटरी तकनीक पर विशेष चर्चा
अंतिम दिन विशेष उच्चस्तरीय सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इन सत्रों में नीति-निर्माण, बैटरी तकनीक, सार्वजनिक एवं आवासीय चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
टाटा मोटर्स, रिलायंस बीपी मोबिलिटी और चार्जज़ोन जैसी प्रमुख कंपनियों ने फ्लीट इलेक्ट्रिफिकेशन और स्मार्ट ग्रिड तैयारियों को बढ़ाने संबंधी अपने विचार साझा किए।
उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा ईवी इकोसिस्टम
दिन की शुरुआत “यूपी ईवी मोबिलिटी समिट: पॉलिसी, मार्केट डायनेमिक्स एंड एक्सेलेरेटिंग ईवी एडॉप्शन इन उत्तर प्रदेश” से हुई।
इस सत्र में उत्तर प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे ईवी इकोसिस्टम, सरकारी नीतिगत समर्थन, ईवी निर्माण के अवसर, बैटरी तकनीक के विकास, फ्लीट इलेक्ट्रिफिकेशन और ईवी फाइनेंसिंग नवाचारों पर चर्चा की गई।
पैनल में टाटा पावर, टाटा मोटर्स, रिलायंस बीपी मोबिलिटी, चार्जज़ोन और एलआईबी इंडिया के प्रतिनिधियों सहित कई प्रमुख उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया और भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करने संबंधी अपने विचार साझा किए।
ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर मंथन
एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र “ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: पावरिंग ईवी एडॉप्शन इन उत्तर प्रदेश – पब्लिक एंड रेजिडेंशियल चार्जिंग इकोसिस्टम्स” का आयोजन किया गया।
इस सत्र में शहरी और आवासीय क्षेत्रों में एकीकृत ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर चर्चा हुई।
विशेषज्ञों ने सार्वजनिक चार्जिंग विस्तार, डिस्कॉम की तैयारियों, स्मार्ट चार्जिंग सिस्टम, नीतिगत सुधार, फाइनेंसिंग मॉडल और उपयोगकर्ता-केंद्रित चार्जिंग नेटवर्क पर अपने विचार रखे।

फ्लीट ट्रांसफॉर्मेशन और स्मार्ट मोबिलिटी पर फोकस
दिन के दूसरे हिस्से में आयोजित “कमर्शियल व्हीकल इलेक्ट्रिफिकेशन एंड फ्लीट ट्रांसफॉर्मेशन फोरम” में उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी फ्लीट के तेजी से हो रहे विद्युतीकरण पर चर्चा की गई।
उद्योग विशेषज्ञों ने बड़े स्तर पर ईवी अपनाने के लिए डिप्लॉयमेंट मॉडल, फ्लीट फाइनेंसिंग, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई-आधारित फ्लीट मैनेजमेंट तकनीकों और परिचालन दक्षताओं पर विचार साझा किए।
भविष्य की शहरी मोबिलिटी पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
समापन सत्र “ईवी-रेडी फ्यूचर अर्बन मोबिलिटी एंड एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर फोरम – उत्तर प्रदेश” में भविष्य के शहरों के निर्माण के लिए आवश्यक स्केलेबल शहरी मोबिलिटी सिस्टम, ईवी-रेडी ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर, डिस्ट्रीब्यूटेड एनर्जी इंटीग्रेशन, व्हीकल-टू-ग्रिड (V2G) तकनीकों और समन्वित शहरी नियोजन रणनीतियों पर विशेष जोर दिया गया।
उद्योग और आयोजकों ने जताया आभार
श्री राजेश निगम, सह-अध्यक्ष, यूपी स्टेट चैप्टर, पीएचडीसीसीआई, ने कहा कि उत्तर प्रदेश एनर्जी एक्सपो 2026 को मिली प्रतिक्रिया अत्यंत उत्साहजनक रही है।
उन्होंने कहा कि सभी साझेदारों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, प्रदर्शकों, डेलीगेट्स और आगंतुकों ने इस पहल को बड़ी सफलता दिलाई और स्वच्छ एवं सतत भविष्य की दिशा में सकारात्मक योगदान दिया।
वहीं, श्री अतुल श्रीवास्तव, सीनियर रीजनल डायरेक्टर, यूपी स्टेट चैप्टर, पीएचडीसीसीआई, ने कहा कि उत्तर प्रदेश एनर्जी एक्सपो 2026 उद्योग सहयोग, नीति संवाद, नवाचार और अक्षय ऊर्जा एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है।
उन्होंने कहा कि देशभर से विभिन्न हितधारकों की उत्साहजनक भागीदारी यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश सतत ऊर्जा विकास और भविष्य की मोबिलिटी समाधानों में तेजी से अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
पीएम सूर्य घर योजना से जुड़े अधिकारियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान एक विशेष सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें यूपीनेडा (UPNEDA) के अधिकारियों को पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इस पहल के माध्यम से राज्य में रूफटॉप सोलर अपनाने को बढ़ावा देने और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका को सराहा गया।
