देश मे सुपरहिट: बाराबंकी वैक्सीनेशन माडल

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सफलता की कहानी-32

उतर प्रदेश के बाराबंकी जिले में प्रशासन द्वारा अपनाया गया वैक्सीनेशन माडल पूरे देश के लिए एक नजीर बन गया है।बाकी राज्य के प्रशासन और सरकारें इस माडल को अपनाने की कोशिश कर रहे है।बाराबंकी जिले के हर गांव में रोज लगभग पांच हजार लोगों को टीके लगाये जा रहे हैं ताकि करोना को ग्रामीण इलाकों में फैलने से रोका जा सके।


जनपद में कोरोना वैक्सीनेशन की स्थिति प्रदेश में टाप पर है। बीते 2 दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जा रहे हैं टीके के कारण पांच पांच हजार लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं। जिसकी शासन स्तर पर भी प्रशंसा की गई है। यही नहीं बाराबंकी मॉडल को प्रदेश स्तर पर लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है।बदलाव की बयार की राह इतनी आसान नहीं थी।कुछ दिनों पहले तक बाराबंकी जनपद में भी कोरोना वैक्सीनेशन काफी सुस्त रफ्तार से चल रहा था।

नतीजा यह था पूरे जनपद में 25 से 40% लक्ष्य भी नहीं पूरा होता था। इसे लेकर डीएम डॉक्टर आदर्श सिंह ने 19 मई से गांव स्तर पर कैंप लगवाने के लिए निर्देश दिया। इतना ही नहीं प्राथमिक विद्यालय व अन्य स्थानों पर लगने वाले वैक्सीनेशन कैंप के लिए जिला स्तरीय अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात भी किया। जिसका नतीजा काफी बेहतर रहा। जनपद में जहां 18 मई तक 23-24 प्रतिशत वैक्सीनेशन हो पा रहा था।

वहीं ग्रामीण स्तर पर लगने वाले कैम्प का नतीजा यह रहा कि 19 मई को पहले ही दिन वैक्सीनेशन का प्रतिशत बढ़कर 57.3 हो गया। वहीं 21मई को 61.7 प्रतिशत लोगों ने लक्ष्य के सापेक्ष टीके लगवाए। वहीं 25 मई को 94.5 प्रतिशत लोगों ने वैक्सीन लगवाई।कोरोना वैक्सीन को लेकर डीएम डॉक्टर आदर्श सिंह ने बताया कि जबसे ग्राम स्तर पर वैक्सीनेशन कैंप का आयोजन किया गया है तब से लगातार वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या बढ़ी है।

नतीजा यह है कि कभी हम प्रदेश के टाप थ्री जिले में रहे तो कभी बाराबंकी का स्थान पहला भी रहा। डॉक्टर आदर्श सिंह ने बताया कि शासन स्तर पर बाराबंकी के टीकाकरण को काफी सराहा जा रहा है। यही नहीं वैक्सीनेशन को लेकर बाराबंकी जिले से प्रेजेंटेशन भी मांगा गया है।

उन्होंने बताया कि हो सकता है बाराबंकी जनपद का मॉडल पूरे प्रदेश में लागू किया जाए। डीएम ने इस उपलब्धि के लिए सीएमओ डा. बीकेएस चौहान सहित टीकाकरण में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारी, स्वास्थ्य कर्मी व स्वयंसेवकों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। भ्रम की स्थिति बनने पर अधिकारी वहां जाकर ग्रामीणों को समझा दूर कर रहे हैं। उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचाव में टीकाकरण को मजबूत हथियार बताया।

डा.श्रीकांत श्रीवास्तव /सुन्दरम चौरसिया

सफलता की कहानी-31

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