Covid-19 prabandhan hetu gathit team-11 ko chief minister Yogi Adityanath ka disha-nirdesh

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Guidelines of Chief Minister Yogi Adityanath to team-11 set up for Covid-19 management – कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-11 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश

– प्रदेश में कोविड संक्रमण से स्वस्थ होने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में हमें और सतर्कता बरतनी होगी। सभी जिलों में रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू और साप्ताहिक बंदी प्रभावी है। संक्रमण प्रसार को कम करने में कोरोना कर्फ्यू बहुत उपयोगी हो रही है। ऐसे में अब शुक्रवार रात्रि 08 बजे से मंगलवार प्रातः 07 बजे तक साप्ताहिक बन्दी होगी। इस अवधि में केवल आवश्यक और अनिवार्य सेवाएं ही यथावत जारी रहेंगी। औद्योगिक गतिविधियां और वैक्सीनेशन कार्य साप्ताहिक बंदी में भी जारी रहेंगी। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

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Guidelines of Yogi Adityanath to team-11 Covid-19

Remdesivir injection aur oxygen :-

– remdesivir injection ke pradesh mein upalabdhata sunishchit karaye ja rahe hai. sabhi jile har din remdesivir upalabdh karaee ja rahee hai.Government hospitals mein yah medicine free upalabdh karaye ja rahe hai, private hospitals ko jarorat par isake aaporti karaye ja rahee hai. jila prashaasan is medicine kee maang, aapoorti aur khapat ka poora vivaran jaroor rakhen.

– DRDO ke sahayog se lakhano aur vaaraanasee mein sabhee suvidhaon se yukt covid hospital taiyaar karaaya gaya hai. jald hee yah kriyaasheel ho jaega. svaasthy vibhaag sambandhit adhikaariyon se sampark kar is covid hospital ke sanchalan ke lie sabhee aavashyak prabandhan sunishchit karae

– ऑक्सीजन की आपूर्ति हर दिन बेहतर होती जा रही है। उत्तर प्रदेश में उपलब्ध सभी संसाधनों को आपूर्ति चेन से जोड़ने के साथ-साथ ऑक्सीजन एक्सप्रेस, वायु मार्ग जैसे विशेष साधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। रुड़की, देहरादून, जमशेदपुर, बोकारो आदि क्षेत्रों से ऑक्सीजन की सतत आपूर्ति हो रही है। kal kee tarah aaj bhee 650 metric ton se adhik kee aapoorti honi hai. sabhee district ke sabhee chhote-bade hospital kee jaroorat par najar rakhee jae. unhen aapoorti sunishchit karaee jae.

Covid-19 ke khilaf Uttar pradesh mai jang :-

– Uttar pradesh covid ke khilaaf ladai mein poree pratibaddhata ke saath lad raha hai. covid kee first wave ke anubhavon se seekhate hue svaasthy sansaadhanon ko praathamikata ke saath behatar kiya gaya hai. yah kaam lagaataar jaaree hai. Covid-19 prabandhan hetu gathit team-11 ko chief minister Yogi Adityanath ka disha-nirdesh ka mutabikहमें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। आज 116000 से अधिक एल-1 के बेड्स हैं तो एल-टू व एल-3 के 65000 से अधिक बेड हैं। सभी जिलों में दो-दो सीएचसी को कोविड डेडिकेटेड अस्पताल के रूप में तैयार किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में संसाधन बढ़ाये जा रहे हैं, इसके साथ-साथ निजी अस्पतालों/मेडिकल कॉलेज को भी इसमें जोड़ा जाए।  सभी विकल्पों की परख करते हुए  कोविड बेड को वर्तमान क्षमता से दोगुनी करने की कार्यवाही हो। सभी बेड पर ऑक्सीजन आदि जरूरी चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता होनी चाहिए।

कोविड संक्रमण की तेज दर में मरीजों की तादाद बढ़ी है। इस बार की लहर में ऑक्सीजन की मांग सामान्य से कई गुना अधिक बढ़ी है। इस संबंध में व्यवस्था कराई जा रही है। किंतु कुछ लोग अनावश्यक भय के कारण ऑक्सीजन सिलिंडर की जमाखोरी करने में लग गए हैं। रेमेडेसीवीर जैसी जीवनरक्षक मानी जा रही दवा की कालाबाजारी कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। आपदा की इस स्थिति में मुनाफाखोरी की घटनाएं शर्मनाक हैं। इस पर कार्रवाई की जाए।

– टेलीकन्सल्टेशन को और प्रभावी बनाने की जरूरत है। होम आइसोलेशन में उपचाराधीन मरीजों को हर दिन स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी जाए। नॉन कोविड मरीजों को भी टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा मिले। चिकित्सकों से संपर्क नम्बर, समय और विशेषज्ञता के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए जिले स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलों में विशेष टीम गठित की जानी चाहिए। 

– विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल गठित करें। लोगों को सही जानकारी दी जाए। किसे अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है, किसे रेमेडेसीवीर की जरूरत है और किन मरीज को ऑक्सीजन की अनिवार्यता है। अनावश्यक भय और अज्ञानता के कारण लोग इन आवश्यक चीजों के संग्रहण कर रहे हैं। इससे व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। 

– कोविड से बचाव के लिए जरूरी टेस्टिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तर प्रदेश ने अब तक चार करोड़ से अधिक कोविड टेस्ट कर लिए हैं। यह देश में किसी राज्य द्वारा किया जाने वाला सर्वाधिक टेस्ट है। टेस्टिंग कैपिसिटी को दोगुनी करने का काम तेजी से किया जाए।

– कतिपय जिलों में कुछ अस्पतालों द्वारा मरीजों से अवैध वसूली की शिकायत मिली है।फर्जी चिकित्सकों की भी खबरें आई हैं। यह लोग मानवता के अपराधी हैं। इन की सार्वजिनक निंदा होनी चाहिए। पुलिस ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

Oxygen tanks ki badhotri
Oxygen tanks maximization

ऑक्सीजन टैंकरों की उपलब्धता बढ़ाये जाने के लिए सभी प्रयास किये जा रहे हैं। विदेश से भी टैंकरों की आपूर्ति है। उद्योग जगत से भी सहयोग मिल रहा है। ऐसे में आपूर्ति के लिए टैंकरों की संख्या भी बढ़ी है। 64 टैंकर इसी कार्य में लगाये गए हैं। इसके अलावा, 20 टैंकर विभिन्न जिलों में सीधे अस्पतालों को आपूर्ति कर रहे हैं। भारत सरकार से भी आठ नए टैंकर मिल रहे हैं। सभी ऑक्सीजन टैंकर जीपीएस से लैस रहें। उनकी लाइव मॉनिटरिंग की जाए। ऑक्सीजन ऑडिट का काम तेजी से किया जाए। 

– होम आइसोलेशन में इलाजरत लोगों की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए। सीएम हेल्पलाइन से इन लोगों से हर दिन संवाद बनाया जाए। तय प्रोटोकॉल के अनुरूप इन्हें दवाओं का मेडिकल किट उपलब्ध कराया जाए। ऐसे मरीजों के लिए टेलीकन्सल्टेशन व्यवस्था को और बेहतर किया जाए।

Covid-19 prabandhan hetu gathit team-11 ko chief minister Yogi Adityanath ka disha-nirdesh ka mutabikपुलिसकर्मियों की स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष प्रयास की जरूरत है। गृह विभाग और स्वास्थ्य विभाग के परस्पर समन्वय से पुलिस लाइन में आवश्यक प्रबंध किए जाएं। प्रत्येक पुलिस लाइन में कोविड सहायता केंद्रो तथा आइसोलेशन वार्ड की सुविधा होनी चाहिए।

– स्वास्थ्य सेवा में संलग्न कोविड वॉरियर्स के साथ अभद्रता की कुछ घटनाएं निंदनीय हैं। स्वास्थ्यकर्मी पूरी प्रतिबद्धता के  साथ हमारी-आपकी सेवा में दिन-रात लगे हुए हैं, उनके साथ अभद्रता कतई स्वीकार नहीं की जा सकती। जिला प्रशासन ऐसी घटनाओं पर कठोरतम कार्रवाई करें। प्रत्येक दशा में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए।

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