मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बीते सवा चार वर्षों में उत्तर प्रदेश में सरकारी पदों पर हुई हर भर्ती ने शुचिता, पारदर्शिता और ईमानदारी की मिसाल कायम की है।

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शुचिता है नए यूपी की पहचान: योगी आदित्यनाथ*
*सवा चार साल में हुई हर नियुक्ति पारदर्शिता की मिसाल*
*5,805 युवाओं की सरकारी नौकरी का सपना हुआ साकार, सीएम योगी ने सौंपे नियुक्ति-पत्र*
*कारागार विभाग में 3012 पुरुष और 626 महिलाओं को मिली जेल वार्डर पद पर नियुक्ति*
*अग्निशमन विभाग में फायरमैन के 2065 पदों पर युवाओं को मिली तैनाती*
*यूपी पुलिस में और मजबूत हुआ घुड़सवार पुलिस का दस्ता, 102 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र*
*लखनऊ, 02 जुलाई:*  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बीते सवा चार वर्षों में उत्तर प्रदेश में सरकारी पदों पर हुई हर भर्ती ने शुचिता, पारदर्शिता और ईमानदारी की मिसाल कायम की है। 2017 के पहले जिस यूपी में भर्ती प्रक्रिया भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और वसूली की “पारिवारिक महाभारत” की भेंट चढ़ जाती थी,   वहां चार लाख से अधिक पदों पर हुई नियुक्तियों में से एक पर भी सवाल नहीं किया जा सकता। यह नई कार्यसंस्कृति, नए भारत के नया उत्तर प्रदेश की है। यहां भ्रष्टाचार की जगह नहीं, प्रतिभा का सम्मान है।
मुख्यमंत्री योगी, शुक्रवार को जेल वार्डर, घुड़सवार पुलिस और फायरमैन के पदों पर चयनित 5,805 युवाओं को नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में युवाओं से मुखातिब थे। लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 12 नवचयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री के हाथों औपबंधिक नियुक्ति-पत्र मिला। कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि चार वर्ष पूर्व तक यूपी के कारागार अपराधियों-गुंडों के लिए आरामगाह और गिरोह संचालन का केंद्र हुआ करती थे। यहां पग-पग पर भ्रष्टाचार और अराजकता थी। वहां आज अपराधी पुलिस के नाम से खौफ खाते हैं। सवा चार वर्षों में हुए इस बदलाव में पुलिस महानिदेशक से लेकर आरक्षी तक की भूमिका है। यह बदलाव टीम वर्क का परिणाम है। 
*लोग कहते थे यूपी में कौन निवेश करेगा, कोशिश की और मिले साढ़े 04 लाख करोड़ के प्रस्ताव:*मुख्यमंत्री ने बीते सवा चार वर्षों में चार लाख से अधिक पदों पर हुई नियुक्तियों की चर्चा करते हुए कहा कि जिस प्रदेश में कुछ लोग केवल भर्ती प्रक्रिया अटकाने के लिए प्रयासरत रहते हैं, वहां अकेले पुलिस विभाग में डेढ़ लाख नियुक्तियां करना आसान काम नहीं। प्रदेश में सरकारी के अलावा निजी निवेश से भी युवाओं को स्वावलम्बन का आधार मिला है। इन्वेस्टर समिट की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जब पहले इन्वेस्टर समिट की बात आई तो लोगों ने कहा कि यूपी में कौन आएगा निवेश के लिए। ऐसे में खुद प्रयास किया और एक ही दिन में 02 लाख 10 हजार करोड़ का प्रस्ताव मिले। सीएम ने बताया कि पहले इन्वेस्टर समिट में साढ़े चार लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, जो अब जमीन पर उतरने लगे हैं। 
*बिना सिफारिश के पाई नौकरी तो काम में भी दिखे ईमानदारी:*नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब  जब बगैर सिफारिश, पारदर्शी व्यवस्था के तहत उनकी प्रतिभा के अनुसार चयन हुआ है तो सेवाकाल में ईमानदारी का भाव ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नौकरी के एवज में मिलने वाला वेतन जनता के सहयोग से दिया जाता है, तो जवाबदेही भी जनता के प्रति होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अरसे बाद फायरमैन और घुड़सवार पुलिस के पदों पर भर्ती होने पर भी खुशी जताई, साथ ही महिलाओं के चयन पर प्रसन्नता जताई। साथ ही कहा कि अक्सर जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में फ़ायरस्टेशन की मांग करते थे, अब फायरमैन की नियुक्ति हो गई है, सो जनप्रतिनिधियों की मांग भी पूरी हो जाएगी। सीएम ने पुलिस के अनोखे विंग “घुड़सवार पुलिस” की महत्ता भी बताई।
*योगी सरकार ने कायम किया “रूल ऑफ लॉ: सुरेश खन्ना*वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि योगी सरकार ने वर्षों से प्रतीक्षित “रूल ऑफ लॉ” की आकांक्षा को पूरा किया है। इन चार वर्षों में प्रदेश के हर क्षेत्र में एक व्यवहारिक परिवर्तन देखने को मिला है। पूरी शुचिता और ईमानदारी के साथ 04 लाख से अधिक सरकारी पदों के लिए युवाओं का चयन हुआ है। यही नहीं, योगी सरकार ने न केवल नौकरी के लिए पारदर्शी रीति से चयन किया है, बल्कि प्रोन्नति की प्रक्रिया भी समयबद्घ कर कार्मिकों का मनोबल बढ़ाया है। नवनियुक्त जेल वॉर्डरों को शुभकामनाएं देते हुए वित्त मंत्री खन्ना ने कहा जेल का नाम ‘बन्दी सुधार गृह’ है, इसके उद्देश्यों को साकार करने में जेल वॉर्डरों की बड़ी भूमिका है। जेल में संचालित सुधार कार्यक्रमों को सफल बनाने में हर जेल वॉर्डर को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
वहीं, कारागार विभाग के राज्य मंत्री जय कुमार सिंह ‘जैकी’ ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश के जेलों में सीसीटीवी, वीडियो वॉल ड्रोन आदि आधुनिकतम तकनीक के माध्यम से सुरक्षा तंत्र और मजबूत हुआ है। अंग्रेजों के जमाने के जेल मैनुअल में जरूरी बदलाव किए गए हैं। अब मानव संसाधन की कमी दूर करने की दिशा में जेल वॉर्डर की तैनाती हो रही है। बीते चार सालों में यूपी के कारागार सही अर्थों में ‘सुधार गृह’ के रूप में उभर कर आए हैं। कार्यक्रम में आभार ज्ञापन करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष राजकुमार विश्वकर्मा ने बोर्ड की पारदर्शी कार्यसंस्कृति के बारे में जानकारी देते हुए भावी कार्यक्रमों से परिचित कराया।

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