फिक्की फ्लो ने किया शौर्य गाथा का आयोजन

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आजादी में महिलाओं की भूमिका अहम: संयुक्ता भाटिया

शौर्य गाथाएं प्रेरणा के स्त्रोत : आरुषि टंडन

लखनऊ । वर्ष 2021 भारतीय इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण वर्ष है। यह वर्ष हमारे देश की आजादी के 75 साल की शुरुआत है। एक ऐसा देश जिसने अपनी आजादी के लिए एक सदी से भी अधिक समय तक संघर्ष किया। स्वतंत्रता संग्राम में लाखों लोगों ने अपनी जान दी। भारतवासी उनके बलिदान के सदैव ऋणी रहेंगे। फिक्की फ़्लो ने आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आज होटल हिल्टन में शौर्य गाथा कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसका उद्देश्य उन ज्ञात अज्ञात सभी बहादुर शहीदों की पवित्र स्मृति को सम्मान और श्रद्धांजलि देना था।लखनऊ । वर्ष 2021 भारतीय इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण वर्ष है। यह वर्ष हमारे देश की आजादी के 75 साल की शुरुआत है। एक ऐसा देश जिसने अपनी आजादी के लिए एक सदी से भी अधिक समय तक संघर्ष किया। स्वतंत्रता संग्राम में लाखों लोगों ने अपनी जान दी। भारतवासी उनके बलिदान के सदैव ऋणी रहेंगे। फिक्की फ़्लो ने आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आज होटल हिल्टन में शौर्य गाथा कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसका उद्देश्य उन ज्ञात अज्ञात सभी बहादुर शहीदों की पवित्र स्मृति को सम्मान और श्रद्धांजलि देना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्ता भाटिया, मेयर, लखनऊ , ललिता प्रदीप, अतिरिक्त निदेशक, बेसिक शिक्षा, आरुषि टंडन, सिमू घई और स्वाति वर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया

शौर्य गाथा ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम के कई गुमनाम नायकों की स्मृति को सम्मान देने के लिए फ़्लो सदस्यों द्वारा एक छोटी सी श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजन को दो भागों में बांटा गया था। पहले भाग में फ़्लो सदस्यों ने कई स्वतंत्रता सेनानियों के चरित्रों का अभिनय किया। ज़ीनत महल के रूप में स्वाति मोहन, रानी लक्ष्मीबाई के रूप में निवेदिता सिंह, झलकारी बाई के रूप में गरिमा अग्रवाल, हजरत महल के रूप में ज्योति दीवान और उदा देवी के रूप में दीपाली चोपड़ा। इन किरदारों का निर्देशन मोहम्मद राशिद ने किया था
वाणी आनंद ने इतिहास के एक युग को मंच पर वापस लाने में सफल रहीं। देशभक्ति के नारों “भारत माता की जय” और “जय हिंद” से
पूरा हिल्टन होटल गूंज उठा।कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्ता भाटिया, मेयर, लखनऊ , ललिता प्रदीप, अतिरिक्त निदेशक, बेसिक शिक्षा, आरुषि टंडन, सिमू घई और स्वाति वर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। शौर्य गाथा ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम के कई गुमनाम नायकों की स्मृति को सम्मान देने के लिए फ़्लो सदस्यों द्वारा एक छोटी सी श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजन को दो भागों में बांटा गया था। पहले भाग में फ़्लो सदस्यों ने कई स्वतंत्रता सेनानियों के चरित्रों का अभिनय किया। ज़ीनत महल के रूप में स्वाति मोहन, रानी लक्ष्मीबाई के रूप में निवेदिता सिंह, झलकारी बाई के रूप में गरिमा अग्रवाल, हजरत महल के रूप में ज्योति दीवान और उदा देवी के रूप में दीपाली चोपड़ा। इन किरदारों का निर्देशन मोहम्मद राशिद ने किया था वाणी आनंद ने इतिहास के एक युग को मंच पर वापस लाने में सफल रहीं। देशभक्ति के नारों “भारत माता की जय” और “जय हिंद” से पूरा हिल्टन होटल गूंज उठा।

शाम का दूसरा भाग प्रसिद्ध किस्सागो हिमांशु बाजपेयी और प्रज्ञा शर्मा द्वारा झांसी की रानी के जीवन और वीरता को अपने शक्तिशाली वर्णन से जीवंत किया। उन्होंने दर्शकों को झांसी के दरबार और युद्ध के मैदानों में पहुँचाया जहाँ अंग्रेजों और रानी की सेना की टकराती तलवारें हर कान में गूँज रही थीं। अपने दत्तक पुत्र के अधिकारों के लिए लड़ने का फैसला करने के लिए अपने बच्चे और पति को खोने का वर्णन बहुत ही सुंदर ढंग से किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि नगर प्रमुख संयुक्ता भाटिया ने फिक्की फ्लो की तारीफ करते हुए कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव को मनाते हुए इस तरीके के कार्यक्रम मन में देशभक्ति की भावना को और प्रबल करते हैं विशेषकर स्वतंत्रता संग्राम मैं महिलाओं के अतुलनीय योगदान को स्मरण कर हम सभी को गर्व का अनुभव होता है, देश की आजादी में महिलाओं की भूमिका बहुत ही अहम रही है।

फिक्की फ्लो लखनऊ की चेयरपर्सन आरुषि टंडन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में लाखों सेनानियों ने अपने अमर बलिदान से देश को आजाद कराया, शौर्य गाथाएं हमें संघर्ष से सफलता के लिए प्रेरित करती हैं ।
उन्होंने कहा कि फिक्की फ़्लो ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ में अपना योगदान देने के लिए गर्वान्वित हैं
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सिमू घई, स्वाति वर्मा, वंदिता अग्रवाल, विभा अग्रवाल, स्मृति गर्ग और कई फ़्लो सदस्यों ने योगदान दिया।शाम का दूसरा भाग प्रसिद्ध किस्सागो हिमांशु बाजपेयी और प्रज्ञा शर्मा द्वारा झांसी की रानी के जीवन और वीरता को अपने शक्तिशाली वर्णन से जीवंत किया। उन्होंने दर्शकों को झांसी के दरबार और युद्ध के मैदानों में पहुँचाया जहाँ अंग्रेजों और रानी की सेना की टकराती तलवारें हर कान में गूँज रही थीं। अपने दत्तक पुत्र के अधिकारों के लिए लड़ने का फैसला करने के लिए अपने बच्चे और पति को खोने का वर्णन बहुत ही सुंदर ढंग से किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि नगर प्रमुख संयुक्ता भाटिया ने फिक्की फ्लो की तारीफ करते हुए कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव को मनाते हुए इस तरीके के कार्यक्रम मन में देशभक्ति की भावना को और प्रबल करते हैं विशेषकर स्वतंत्रता संग्राम मैं महिलाओं के अतुलनीय योगदान को स्मरण कर हम सभी को गर्व का अनुभव होता है, देश की आजादी में महिलाओं की भूमिका बहुत ही अहम रही है। फिक्की फ्लो लखनऊ की चेयरपर्सन आरुषि टंडन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में लाखों सेनानियों ने अपने अमर बलिदान से देश को आजाद कराया, शौर्य गाथाएं हमें संघर्ष से सफलता के लिए प्रेरित करती हैं । उन्होंने कहा कि फिक्की फ़्लो ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ में अपना योगदान देने के लिए गर्वान्वित हैं इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सिमू घई, स्वाति वर्मा, वंदिता अग्रवाल, विभा अग्रवाल, स्मृति गर्ग और कई फ़्लो सदस्यों ने योगदान दिया।

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