World Cup 2011: आज ही के दिन भारत बना था विश्व विजेता, 28 साल का ‘सूखा’ हुआ था खत्म

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Vidya Gyan Desk: On This Day, World Cup 2021 Final: मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम। भारत और श्रीलंका (India vs Sri Lanka Final) के बीच मैच और वह एमएस धोनी (MS Dhoni) का ऐतिहासिक सिक्सर…।

जी हां, यहां बात वनडे वर्ल्ड कप-2011 (World Cup 2021 Final) के फाइनल की हो रही है, जिसमें भारतीय टीम ने श्रीलंका (India vs Sri Lanka Final) को हराकर भारतीय क्रिकेट में पड़ा 28 साल का ‘सूखा’ खत्म किया था। वह आज, दो अप्रैल 2011, ही का दिन था।

10 वर्ष पहले भारत ने श्री लंका (India vs Sri Lanka Final) को हराकर दूसरी बार क्रिकेट वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। भारतीय टीम की इस शानदार जीत का गवाह मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम और वहां बैठे सभी लोग बने थे। फाइनल मैच की बात करें तो जहीर खान, गौतम गंभीर और महेंद्र सिंह धोनी उसके हीरो रहे थे। जहीर ने गेंदबाजी तो धोनी और गंभीर ने बल्लेबाजी से फाइनल में जीत पक्की की थी।

सीरीज की बात करें तो युवराज सिंह इसके हीरो थे। विराट कोहली ने इस इवेंट में ही अपने वनडे इंटरनैशनल करियर की पहली सेंचुरी लगाई थी। फाइनल मैच में धोनी का वह छक्का शायद ही कोई क्रिकेट प्रेमी भूल पाए। तब भारत को जीत के लिए 11 गेंदों पर 4 रन चाहिए थे, तब धोनी ने सिक्स लगाकार कप को भारत के नाम कर दिया था।

ऐसा रहा था मैच

वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में श्री लंका ने 274 रन बनाए थे। इसमें महेला जयवर्धने के 103 रन शामिल थे। जवाब में भारतीय टीम की शुरुआत उतनी अच्छी नहीं रही थी और उसने 31 रन पर दो विकेट खो दिए थे।

वीरेंदर सहवाग और सचिन तेंडुलकर पविलियन लौट चुके थे। गौतम गंभीर और विराट कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 83 रनों की साझेदारी की। इसके बाद 22वें ओवर में कोहली भी आउट हो गए। इसके बाद चौथे विकेट के लिए धोनी ने गंभीर के साथ मिलकर 109 रनों की पार्टनरशिप की। गंभीर 97 रन बनाकर आउट हुए।

देखने लायक था जश्न

इसके बाद धोनी ने युवी के साथ मोर्चा संभाला और नाबाद 54 रनों की साझेदारी करते हुए टीम इंडिया को विश्व विजेता बना दिया। युवी 24 गेंद पर 21 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि धोनी ने 79 गेंदों में 8 फोर और 2 सिक्स की मदद से 91 रन बनाकर नाबाद लौटे।

भारतीय क्रिकेट टीम 28 वर्ष बाद वनडे चैंपियन बनी थी और फैंस जश्न में डूब गए थे। सचिन तेंडुलकर का विश्व विजेता बनने का सपना पूरा हो चुका था। टीम ने मास्टर ब्लास्टर को कंधे पर बिठाकर स्टेडियम का चक्कर लगाया।

क्रिकेट टीम के साथ-साथ खेल प्रेमियों की आंखों में भी उस दिन खुशी के आंसू थे। सचिन तेंडुलकर को सम्मान देते हुए जब टीम ने उन्हें कंधों पर उठाकर पूरे मैदान में घुमाया तो वह सबको रोमांचित कर देनेवाला पल था।

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