वाराणसी हवाई अड्डे से 1800 किलो वैक्सीन देश के विभिन्न इलाकों तक पहुंची

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पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
लखनऊ

सफलता की कहानी- 46

कोविड रोगियों, दवाओं और आवश्यक उपकरणों की वाराणसी के अंदर और बाहर आवाजाही में वाराणसी हवाई अड्डा सक्रिय योगदान दे रहा है। सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों और प्रोटोकॉल का संपूर्ण पालन करके नियत और गैर-नियत उड़ानों को वाराणसी हवाई अड्डे पर सबसे अधिक पेशेवर तरीके से नियंत्रित किया जाता है।हवाई अड्डे ने जनवरी 2021 से अभी तक 1800 किलोग्राम से अधिक वैक्सीन शिपमेंट की आवाजाही की सुविधा प्रदान की है।

आज तक वाराणसी हवाई अड्डे से दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों को 128 से ज्यादा ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स भेजे गए हैं और कई प्रमुख शहरों में चार्टर और मेडिकल उड़ानों के माध्यम से कोविड रोगियों की आवाजाही भी की गई है। लंदन, मस्कट और दुबई आदि जगहों से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को नियंत्रित करने के साथ-साथ वाराणसी हवाई अड्डे ने कोविड रोगियों को ले जाने वाली विशेष चिकित्सा उड़ानों की सुविधा प्रदान करके हमेशा वाराणसी और आसपास के लोगों को शेष भारत से जोड़ा है। साफ-सफाई के उच्च मानकों को बनाए रखते हुए सामाजित दूरी के साथ यात्रियों को सुरक्षित तरीके से टर्मिनल से बाहर लाया जाता है। साथ ही मास्क का उपयोग और इ्स्तेमाल हो चुकी पीपीई किट का भी पेशेवर तरीके से निपटारा किया जाता है।


हवाई अड्डे के कर्मचारियों द्वारा सभी यात्रियों, हितधारकों, आगंतुकों और कर्मचारियों आदि से लगातार अनुरोध किया जाता है कि वे हमेशा कोविड-19 के उपयुक्त व्यवहार का पालन करें और भीड़ को कम करने के लिए समय अंतराल बनाए रखें। कोविड उपयुक्त व्यवहार के बारे में जागरूकता पैदा करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हवाई अड्डे पर यात्रियों को भी संवेदनशील करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों में यात्रियों के लिए कई इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरों पर निर्देश प्रदर्शित करना, टर्मिनल पर डिस्प्ले (साइनेज), स्वचालित और मैन्युअल वॉयस घोषणाएं और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जानकारियां पहुंचाना शामिल है।इसके अलावा वाराणसी हवाई अड्डे ने कोविड-19 को फैलने से रोकने में मदद करने के लिए हवाई अड्डे पर सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए टीकाकरण शिविर भी आयोजित किए हैं।

श्रीकांत श्रीवास्तव/सुन्दरम चौरसिया

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